PM Modi: पीएम मोदी इतनी जल्दी बिहार क्यों आ रहे हैं? जानिए राज

PM Modi: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 जून को अपने दल-बल के साथ राजगीर अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचेंगे।

जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी का आगमन नालंदा विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए होने की संभावना है। हालांकि, अब सवाल यह भी उठ रहा है कि शपथ ग्रहण के 10 दिन बाद ही वह बिहार क्यों आ रहे हैं.

इस दौरान नीतीश कुमार भी मौजूद रहेंगे। क्या इस दौरान बिहार के लिए कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है? यह तो दौरे के बाद ही पता चलेगा। पढ़ें पीएम मोदी का पूरा कार्यक्रम इस दौरान वह देश-विदेश से आए छात्रों को संबोधित भी करेंगे।

पीएम मोदी का राजगीर दौरा बनारस से शुरू होगा। वह 19 जून को सुबह 8:30 बजे बनारस एयरपोर्ट से गया के लिए उड़ान भरेंगे। जहां वह 9:15 बजे गया एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

इस दौरान उनका हेलीकॉप्टर 9:20 बजे गया एयरपोर्ट से फिर नालंदा जिले के लिए उड़ान भरेगा। जहां उनका हेलीकॉप्टर नालंदा जिले के राजगीर स्थित अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर सुबह 9:50 बजे उतरेगा।

हेलीपैड से वे विश्वविद्यालय परिसर से सड़क मार्ग से अपने काफिले के साथ सुबह 10 बजे मुख्य कार्यक्रम स्थल सुषमा स्वराज ऑडिटोरियम पहुंचेंगे। जहां पीएम नरेंद्र मोदी समारोह के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी सुबह 10 बजे से 11:30 बजे के बीच आयोजित डेढ़ घंटे के समारोह में हिस्सा लेंगे।

वे नालंदा विश्वविद्यालय में पढ़ रहे देश-विदेश के छात्रों को संबोधित भी करेंगे। फिर समारोह खत्म होने के बाद सुबह 11:45 बजे पीएम मोदी हेलीकॉप्टर से गया के लिए रवाना हो जाएंगे। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार राजगीर आ रहे हैं।

डीएम वैभव श्रीवास्तव ने दी जानकारी

यह जानकारी प्रभारी डीएम वैभव श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने नालंदा पहुंचेंगे। वे नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहरों का भी अवलोकन करेंगे। पीएम के साथ राज्यपाल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत अन्य लोग भी मौजूद रहेंगे।

इस कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री फिर गया जाएंगे और वहां से विमान से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। आपको बता दें कि इस कार्यक्रम को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तैयारियां जोरों पर हैं। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से अभी तक इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है।