Top Government School: देश के टॉप सरकारी स्कूलों में गिने जाते हैं ये 5 तरह के सरकारी स्कूल! देखे जल्दी

Top Government School: अगर भारत के टॉप सरकारी स्कूलों की बात करें तो इसमें सबसे पहले 5 तरह के स्कूलों की गिनती होती है. इन स्कूलों की लिस्ट में केंद्रीय विद्यालय, राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस दिल्ली और सैनिक स्कूल का नाम शामिल है. ये 5 तरह के स्कूल हैं जहां हर छात्र पढ़ने का सपना देखता है. आइए जानते हैं इन स्कूलों की खासियत क्या है.

सबसे पहले नंबर पर केंद्रीय विद्यालय का नाम आता है. इस स्कूल को केंद्रीय विद्यालय संगठन चलाता है. ये स्कूल भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन हैं. भारत में इस समय कुल 1250 केंद्रीय विद्यालय हैं. इसके अलावा काठमांडू, मॉस्को और तेहरान में एक-एक केंद्रीय विद्यालय है. यहां छात्रों को एंट्रेंस टेस्ट और लॉटरी सिस्टम के जरिए दाखिला मिलता है.

इसके बाद राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय आता है. इन स्कूलों को दिल्ली सरकार का शिक्षा निदेशालय चलाता है. यहां हर साल एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किए जाते हैं. आपको बता दें कि प्रवेश परीक्षा के माध्यम से केवल कक्षा 6 और कक्षा 11 में ही प्रवेश दिया जाता है। इसके अलावा एक और बात जान लें कि वर्ष 2021-22 से राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय (RPVV) का नाम बदलकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस (SoSE) कर दिया गया है।

जवाहर नवोदय विद्यालय देश में तीसरे नंबर पर आता है। ये पूरी तरह से आवासीय और सह-शिक्षा विद्यालय हैं। इनका संचालन एक स्वायत्त संगठन द्वारा किया जाता है। ये विद्यालय कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की शिक्षा प्रदान करते हैं। इसके अलावा ये विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध हैं। यहां कक्षा 6, 7 और 8 के छात्रों को मुफ्त में पढ़ाया जाता है। जबकि कक्षा 9 से 600 रुपये प्रति माह फीस ली जाती है।

अब बारी आती है दिल्ली स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की, जिसे दिल्ली सरकार चलाती है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने ऐसे 100 स्कूल बनाने का वादा किया है। हालांकि, फिलहाल राजधानी में केवल 5 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस हैं। यहाँ नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की शिक्षा दी जाती है। छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार यहाँ प्रवेश मिलता है। दिल्ली में मौजूद 5 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस रोहिणी सेक्टर 17 और सेक्टर 23, खिचड़ीपुर, कालकाजी, मदनपुर खादर और द्वारका सेक्टर 22 में हैं।

अब आते हैं सैनिक स्कूल पर। ये सभी स्कूल भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित सैनिक स्कूल सोसाइटी द्वारा संचालित हैं। इन स्कूलों की शुरुआत वर्ष 1961 में हुई थी। भारत के तत्कालीन रक्षा मंत्री वी.के. कृष्ण मेनन ने 1961 में इस स्कूल को शुरू करने का फैसला किया था। आपको बता दें कि पहले इन स्कूलों में केवल लड़कों को ही प्रवेश दिया जाता था, लेकिन 2021-2022 से लड़कियों को भी कक्षा 6 में प्रवेश दिया जा रहा है।